प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 16 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस विधेयक के लागू होने से एक ओर जहां जमीन विवाद के मामलों में कमी आएगी, वहीं अवैध प्लाटिंग पर भी लगाम लग सकेगी।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसके प्रावधान लागू होने के बाद नक्शों के बटांकन की प्रक्रिया और अधिक सरल हो जाएगी। साथ ही किसी जमीन मालिक की मृत्यु के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी सहज होगी, जिससे आश्रितों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा सदन ने छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति निपटान संशोधन विधेयक और जांजगीर-चांपा जिले में नए विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित विधेयक को भी पारित कर दिया।
मंडी संशोधन विधेयक पर विपक्ष का विरोध
विधानसभा में जब मंडी संशोधन विधेयक पेश किया गया, तो उससे पहले ही विपक्ष ने सदन का बहिष्कार कर दिया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि यह विधेयक केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन किसान विरोधी कानूनों की तर्ज पर है, जिससे किसानों को नुकसान होगा।
डॉ. महंत ने कहा, “यह कानून किसानों के अधिकारों का हनन करता है और मंडियों को कमजोर करेगा। इसलिए कांग्रेस इसका विरोध करती है और हम सदन से बहिर्गमन कर रहे हैं।”
विधेयक पर चर्चा विपक्ष के बिना ही पूरी की गई और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।





