रायपुर, 28 सितंबर 2025
राजधानी रायपुर एक बार फिर भक्ति और अध्यात्म से सराबोर होने जा रही है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 4 से 8 अक्टूबर तक गुढिय़ारी के अवधपुरी मैदान (दही हांडी उत्सव स्थल) में श्री हनुमंत कथा करेंगे। 3 अक्टूबर की शाम वे रायपुर पहुंचेंगे। विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) और स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भारत माता चौक से नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल पहुंचेंगे, जहां फूलों की वर्षा के बीच भक्तों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
कथा आयोजन समिति ने बताया कि शास्त्री जी किसी भी दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिव्य दरबार लगाएंगे। कथा का सीधा प्रसारण संस्कार टीवी सहित बसंत अग्रवाल के ऑफिशियल इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब चैनलों पर दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह व उनकी धर्मपत्नी वीणा सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, मंत्रिमंडल के सहयोगी, रायपुर के विधायक, नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर सहित अनेक गणमान्य अतिथि कथा का रसपान करेंगे।
कथा स्थल की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने सेवादारी की जिम्मेदारी ली है। भक्तों की सुविधा के लिए विशाल पंडाल, जगह-जगह एलईडी स्क्रीन, पार्किंग स्थल और नि:शुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए 200 ई-रिक्शा उपलब्ध रहेंगे।
चंदन – बसंत अग्रवाल ने भक्तों से अपील की है कि वे फोर व्हीलर की बजाय बाइक से आएं, ताकि जाम की स्थिति न बने। पार्किंग की अलग व्यवस्था पत्रकारों के लिए भी की गई है। बाहर से आने वाले भक्तों के लिए सुबह 10 बजे और रात 9 बजे भंडारा होगा। कथा के बाद प्रसादी भी वितरित की जाएगी।
इस कथा को लेकर रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र में भी भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना को देखते हुए प्रशासन और यातायात पुलिस पूरी तैयारी में है।
👉 रायपुर की पावनधरा एक बार फिर भक्ति रस से सराबोर होने जा रही है, जहां भक्तजन पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की वाणी और कथा का रसपान करेंगे।





