मुंबई, 02 नवंबर 2025 | MEDIA 24 NEWS

मुंबई के द ट्राइडेंट होटल में आयोजित पहले राष्ट्रीय फिटनेस एवं वेलनेस कॉन्क्लेव 2025 में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि “अगर हम फिटनेस के महत्व को नहीं समझेंगे, तो 2047 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करना संभव नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि आज की डिजिटल जीवनशैली में शारीरिक सक्रियता कम हो गई है, जिससे फिटनेस पर ध्यान देना और भी आवश्यक हो गया है। “पहले लोग स्वाभाविक रूप से सक्रिय रहते थे — पैदल या साइकिल से लंबी दूरी तय करते थे। अब हमें फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा,” डॉ. मंडाविया ने कहा।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि फिटनेस केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि आर्थिक विकास का भी हिस्सा है। उन्होंने कहा, “भारत में फिटनेस और खेल उद्योग का तेजी से विस्तार हो रहा है। अगर हम खेल विज्ञान, पोषण और फिटनेस उपकरण निर्माण में निवेश करें तो यह रोजगार और उद्योग दोनों को नई दिशा देगा।”
कार्यक्रम में केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि “भारत खेलों में उभरता हुआ राष्ट्र है और फिटनेस की दुनिया में अपार अवसर हैं। पूरा पारिस्थितिकी तंत्र मिलकर काम करेगा, तभी स्वस्थ भारत का निर्माण होगा।”
उन्होंने बताया कि ‘संडे ऑन साइकिल’ जैसे छोटे प्रयास भी लंबे समय में समाज में फिटनेस की भावना को मजबूत कर सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. मंडाविया ने बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी, क्रिकेटर हरभजन सिंह और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल को फिट इंडिया आइकॉन के रूप में सम्मानित किया।
वहीं रक्षा खडसे ने सैयामी खेर, शिवोहम और वृंदा भट्ट को फिटनेस के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया।
इसके अलावा अंकुर गर्ग, करण टैकर, विश्वास पाटिल और कृष्ण प्रकाश को फिट इंडिया एंबेसडर के रूप में सम्मान मिला।
- रोहित शेट्टी ने सोशल मीडिया पर “फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स” से सावधानी बरतने की चेतावनी दी और कहा कि “बिना जानकारी के सलाह देना खतरनाक हो सकता है। नई पीढ़ी को जल्दबाजी में शरीर बनाने से बचना चाहिए।”
- साइना नेहवाल ने कहा, “फिटनेस खेल संस्कृति से जुड़ी है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है — बच्चों की फिटनेस पर माता-पिता को ध्यान देना चाहिए और मोबाइल फोन से दूरी बनानी चाहिए।”
- हरभजन सिंह ने कहा कि “फिटनेस की कमी से भारत कई बार मैच हार गया है, लेकिन विराट कोहली ने इस सोच को बदला। अब खिलाड़ी पहले से कहीं अधिक फिट हैं और इसका असर मैदान पर दिखता है।”
कॉन्क्लेव के दौरान फिटनेस संस्कृति और फिटनेस उद्योग पर दो विशेष पैनल चर्चाएँ हुईं, जिनमें विशेषज्ञों ने यह राय दी कि:
- फिटनेस की आदत बचपन से विकसित की जानी चाहिए।
- माता-पिता को बच्चों को मोबाइल की लत से बचाना चाहिए।
- नकली सप्लीमेंट्स और गलत डाइट सलाह से सावधान रहना जरूरी है।
- जंक फूड को बढ़ावा देने वाले ऐप्स पर सख्ती होनी चाहिए।
राष्ट्रीय फिटनेस एवं वेलनेस कॉन्क्लेव 2025 ने स्पष्ट संदेश दिया कि “फिटनेस ही विकास की नींव है।” अगर देश के नागरिक फिट रहेंगे तो 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा।





