प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 22 नवंबर 2025

राजधानी रायपुर में एनआईटी चौपाटी को आमानाका शिफ्ट किए जाने के फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इसके विरोध में गुरुवार रात 11 बजे से व्यापारी धरने पर बैठ गए। धरने में कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित अन्य नेता भी शामिल हुए।
व्यापारियों का कहना है कि उन्हें बिना संवाद, बिना नोटिस और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटाने के लिए कहा जा रहा है। अचानक लिए गए इस फैसले से उनका कारोबार ठप होने की आशंका है। एक दिन पहले नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंचकर शिफ्टिंग की सूचना देने आई, तो व्यापारी मौके पर ही विरोध में उतर आए।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने भी व्यापारियों के समर्थन में पहुंचकर नगर निगम की कार्रवाई को एकतरफा और जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया।
रायपुर की एनआईटी चौपाटी पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च कर इसका विकास किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इस स्थान पर नालंदा-2 बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू हुआ। नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरे होने की जानकारी दी और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख तय की।
इस बीच रेलवे ने इस जमीन पर अपना दावा जताते हुए 32 दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिया, जिसके बाद पूरा मामला और उलझ गया है। अब नगर निगम और रेलवे के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर चर्चा जारी है, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके।
व्यापारियों का कहना है कि समाधान निकलने तक किसी भी तरह की शिफ्टिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।





