प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 29 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने वर्ष 2025 में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए इतिहास रच दिया है। जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच मंडल ने कुल 4689 संपत्तियों की बिक्री की, जिनका कुल मूल्य 1022 करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह हाउसिंग बोर्ड के गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक विक्रय है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल ने किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि आम नागरिकों का भरोसा हाउसिंग बोर्ड पर तेजी से बढ़ा है।
गृह निर्माण मंडल द्वारा अब तक निर्मित कुल आवासों में लगभग 70 प्रतिशत आवास कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बनाए गए हैं। बीते पांच वर्षों में जहां औसतन हर साल 1387 संपत्तियों की बिक्री होती थी और कुल मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहता था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4689 संपत्तियां और 1022 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
वर्ष 2025 में लागू ओटीएस-2 (वन टाइम सेटलमेंट) योजना के तहत हितग्राहियों को 30 प्रतिशत तक की छूट दी गई, जिसके चलते 1452 संपत्तियों का विक्रय हुआ। इनकी कुल कीमत करीब 220.16 करोड़ रुपये रही, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिला।
23 से 26 नवंबर 2025 तक रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला भी बेहद सफल रहा। इस दौरान 26 जिलों में 2080 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया। मेले के दौरान ही 305 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की बिक्री हुई, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1022 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री सरकार की जनहितैषी नीतियों और जनता के भरोसे का प्रमाण है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री की स्पष्ट आवास नीति और हाउसिंग बोर्ड की मेहनत का नतीजा है। सरकार का लक्ष्य हर पात्र नागरिक को किफायती और सम्मानजनक आवास देना है।
हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह उपलब्धि पारदर्शिता, बेहतर योजनाओं और टीमवर्क का परिणाम है, और आने वाले समय में भी आम लोगों को सुलभ आवास उपलब्ध कराने का काम जारी रहेगा।



