प्रमोद कुमार
बालोद/रायपुर, 13 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो हमें चुनौतियों से जूझना और अभावों में भी आत्मविश्वास के साथ जीना सिखाती है। वे बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए रोवर-रेंजरों और स्काउट-गाइड्स का भगवान राम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि स्काउटिंग से मिलने वाले मूल्य युवाओं को न सिर्फ बेहतर नागरिक बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव भी रखते हैं।

09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पांच दिवसीय राष्ट्रीय जंबूरी में देश-विदेश से आए 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया। विभिन्न राज्यों की झांकियों, लोकनृत्यों, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित होना ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करती है।
मुख्यमंत्री साय ने स्वामी विवेकानंद के वाक्य उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए का उल्लेख करते हुए युवाओं से आत्मनिर्भर बनने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजरों की गतिविधियां टीमवर्क, सेवा भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व जैसे गुणों को मजबूत करती हैं। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन संघर्षों का उल्लेख करते हुए युवाओं को संदेश दिया कि साधारण पृष्ठभूमि से भी असाधारण सफलता पाई जा सकती है।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक युवा राज्य है, जिसकी सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी परंपराएं देश की पहचान हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि इस जंबूरी के माध्यम से सभी राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और कौशल आधारित आदान-प्रदान हुआ। युवा संसद, एथनिक फैशन शो और आदिवासी संस्कृति आधारित कार्यक्रमों ने आयोजन को खास बना दिया। इस अवसर पर उन्हें स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त के.के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त के.के. खंडेलवाल ने कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है अपने कार्यों से दूसरों का भला करना और परंपरा तथा परिवर्तन के संतुलन से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।





