रायपुर, 22 जनवरी 2026
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाले में नवी मुंबई स्थित डायलिसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 21 जनवरी 2026 को भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत की गई है।

ACB द्वारा अपराध क्रमांक 05/2025 की जांच की जा रही है, जिसमें आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और षड्यंत्र के आरोप शामिल हैं। जांच में सामने आया कि डायलिसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मेडिकल रीजेंट्स और कंज़्यूमेबल्स के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पहले से निर्धारित कर रखे थे। इसके बावजूद कुंजल शर्मा ने कथित तौर पर कंपनी की नीति को दरकिनार करते हुए मोक्षत कॉर्पोरेशन को लाभ पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि शशांक चोपड़ा के साथ षड्यंत्र कर कुंजल शर्मा ने अपनी कंपनी की ओर से CGMSC को अनधिकृत रूप से अधिक दरें और शर्तें भेजीं। ये दरें वास्तविक MRP से कहीं अधिक थीं। परिणामस्वरूप CGMSC ने इन बढ़ी हुई दरों को स्वीकार कर लिया, जिससे लगभग तीन गुना अधिक कीमत पर सामग्री की आपूर्ति की गई। इससे मोक्षत कॉर्पोरेशन को अनुचित भुगतान कर सार्वजनिक धन की भारी हेराफेरी की गई।
आरोपी कुंजल शर्मा को आज रायपुर स्थित विशेष न्यायालय (एंटी करप्शन) में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
वर्तमान में राज्य सरकार ‘हमर लैब’ योजना—जो कि एक जनकल्याणकारी योजना है—में हुई धन की हेराफेरी के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



