जगदलपुर, 09 फरवरी 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है, जिसकी जनजातीय परंपराएं विश्व में अद्वितीय हैं। बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार ने यहां की संस्कृति और गौरवशाली विरासत को नए प्राण देने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 के संभाग स्तरीय समापन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का उत्सव है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम 2026 के विजेता कलाकारों को सम्मानित किया।

अमित शाह ने घोषणा की कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला के प्रदर्शन और सहभोज का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के 7 जिलों, 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों से आए 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विभिन्न विधाओं में शानदार प्रस्तुति दी। बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से राज्य सरकार लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति दुनिया में कहीं नहीं है, जिसे यहां के लोगों ने प्रभु श्रीराम के काल से संजोकर रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से देश की 700 से अधिक जनजातियों की संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की लड़ाई किसी समुदाय से नहीं, बल्कि भोली-भाली आदिवासी जनता को हिंसा से मुक्त कराने की है।
उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक माओवाद को घुटने टेकने होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सड़कों, पुल-पुलियों, मोबाइल टावरों, राशन, पेयजल, आधार और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं माओवाद प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों में कभी गोलियों की आवाज गूंजती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। बस्तर संभाग के 40 गांवों में स्कूल दोबारा खोले गए हैं।
अमित शाह ने बताया कि
- बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा
- दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में 2.75 लाख एकड़ सिंचाई क्षमता के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन परियोजना शुरू होगी
- रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना का विस्तार किया जाएगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान जुड़ी है। बस्तर पंडुम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा और अस्मिता का उत्सव है।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और आमजन में नया उत्साह भरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बस्तर की पहचान माओवाद से होती थी, लेकिन अब बस्तर की चर्चा संस्कृति, पर्यटन और विरासत के कारण हो रही है।
उन्होंने कहा कि यह नए भारत का नया बस्तर है, जहां विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आत्मसमर्पण नीति को अधिक मानवीय और संवेदनशील बनाया गया है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मान के साथ पुनर्वास दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना बस्तर के लिए गर्व की बात है।
ईको-टूरिज्म, होम-स्टे और ट्रेकिंग को बढ़ावा देकर बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, भोजराज नाग, पद्मश्री अजय मंडावी, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कलाकार और नागरिक उपस्थित रहे।





