सूरजपुर, 18 फ़रवरी 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। ठंड से बचने के लिए जलायी गई कोयले की सिगड़ी ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली। हादसे में पति-पत्नी और उनकी तीन वर्षीय बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक चंद्रपुर गांव निवासी कवल अपनी पत्नी कुन्ती और बेटी ममता के साथ प्रधानमंत्री आवास के एक कमरे में सो रहा था। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में थे। ठंड अधिक होने के कारण दंपती ने कमरे के अंदर सिगड़ी में कोयला जलाया और दरवाजा-खिड़की बंद कर सो गए।
सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो तीनों बेहोश पड़े थे। उन्हें उठाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि कमरे में न खिड़की थी न रोशनदान। जहरीली गैस बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और पूरी रात धुआं कमरे में भरता रहा। अज्ञानता और लापरवाही ने एक साथ तीन जिंदगियां छीन लीं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बंद कमरों में अंगीठी, सिगड़ी या कोयला जलाकर न सोएं। इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बिना गंध की होती है और कुछ ही समय में जानलेवा साबित हो सकती है।





