प्रमोद कुमार
रायपुर, 18 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और पंचायतों को अधिक अधिकार देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ के अंतर्गत उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर अब महतारी सदनों के निर्माण की क्रियान्वयन एजेंसी ग्राम पंचायतों को बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की जिम्मेदारी और भागीदारी बढ़ेगी तथा ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए स्थायी मंच मिलेगा। महतारी सदन में बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह की गतिविधियां और आजीविका संवर्धन कार्यक्रम संचालित होंगे।
निर्णय के तहत विभाग ने विस्तृत मार्गदर्शिका जारी की है—
- प्रशासकीय स्वीकृति जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देंगे
- तकनीकी मार्गदर्शन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा दिया जाएगा
- स्वीकृति के एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य
- 6 से 8 माह में कार्य पूरा करना होगा
- हर माह 5 तारीख तक प्रगति रिपोर्ट संचालनालय को भेजनी होगी
समान गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने मानक डिजाइन और प्राक्कलन भी तैयार किया है।
राज्य में कुल 368 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
- प्रति सदन लागत: 30 लाख रुपये
- पूरी राशि राज्य शासन देगा
- अब तक 137 सदनों का निर्माण पूरा
- बाकी निर्माणाधीन
सरकार के अनुसार महतारी सदन बनने से गांवों में महिलाओं को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और समूह आधारित गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान मिलेगा। इससे पंचायतें मजबूत होंगी और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।





