प्रमोद कुमार
नया रायपुर, 17 मार्च 2026/ अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर (IIIT-NR) में आयोजित 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवाईएससी-2026) का मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और ट्रिपलआईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य के विकास में विज्ञान, नवाचार और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि विज्ञान पढ़ते समय भाषा की बाधा कई बार सामने आती थी। उन्होंने कहा कि अभी अधिकांश शोध-पत्र अंग्रेजी में होते हैं, लेकिन अब क्षेत्रीय भाषाओं में भी विज्ञान के अध्ययन और रिसर्च पेपर लाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण परिवेश का विद्यार्थी भी वैज्ञानिक ज्ञान आसानी से हासिल कर सके।
उन्होंने भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे मनीषियों और ऋषियों ने विभिन्न विषयों पर गहन चिंतन किया था। किसी भी विषय को समझने के लिए प्रायोगिक और वैचारिक दोनों तरीकों का समावेश आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राचीन गणितज्ञ आर्यभट्ट के ग्रंथों में भी कई वैज्ञानिक सिद्धांतों के संकेत मिलते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के युवा वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत 194 शोध-पत्रों का मूल्यांकन करने के लिए देशभर से 45 परीक्षक आए हैं। उन्होंने सभी विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत विज्ञान के विद्यार्थी देश के महान वैज्ञानिकों—सी.वी. रमन, शांति स्वरूप भटनागर, बीरबल साहनी, जगदीश चंद्र बोस, होमी जहांगीर भाभा, विक्रम साराभाई, सत्येंद्रनाथ बोस, हरगोविंद खुराना और सुब्रमण्यम चंद्रशेखर जैसे वैज्ञानिकों के कार्यस्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की योजनाओं और शोध परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है।
ट्रिपलआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने कहा कि यह सम्मेलन संस्थान की शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने युवा वैज्ञानिक कांग्रेस में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरविषयी अनुप्रयोग’ को 21वीं विषय श्रेणी के रूप में शामिल करने का सुझाव भी दिया, ताकि उभरती डिजिटल तकनीकों में युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिल सके।
छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक पी. कवीश्वर ने कहा कि यह सम्मेलन राज्य की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन में ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से कुल 194 शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं, जिन्हें 20 विभिन्न वैज्ञानिक विषयों में प्रस्तुत किया जा रहा है। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान शोधार्थी विशेषज्ञों के पैनल के सामने अपने शोध प्रस्तुत करेंगे, जिससे उन्हें अपने कार्य पर महत्वपूर्ण सुझाव और मार्गदर्शन मिलेगा।
सम्मेलन का समापन 18 मार्च को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। इस अवसर पर विभिन्न विषयों में चयनित सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। समारोह में इटली की प्रतिष्ठित कंपनी स्मार्ट मी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एंजेलो ज़ाइया भी शामिल होंगे।





