सतीश शर्मा
रायपुर, 19 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और असंगठित कर्मकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई पहल की है। इसके तहत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” और “ई-रिक्शा सहायता योजना” संचालित की जा रही हैं।
योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए कुल लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं पंजीकृत असंगठित कर्मकारों को 50 हजार रुपए तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकें।
योजना का लाभ पाने के लिए महिला निर्माण श्रमिकों का कम से कम 3 वर्षों से मंडल में पंजीकृत होना आवश्यक है। असंगठित कर्मकारों के लिए यह आवश्यक है कि वे ऑटो चालक श्रेणी में पंजीकृत हों और न्यूनतम 90 दिन कार्यरत रहे हों।
आवेदन के लिए हितग्राही को श्रमिक पंजीयन कार्ड, बैंक ऋण स्वीकृति, आधार कार्ड, स्व-घोषणा पत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक पासबुक की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। आवेदन बैंक से ऋण स्वीकृति के 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है।
योजना का लाभ केवल एक बार ही मिलेगा और अन्य समान योजनाओं का लाभ लेने वाले इसके लिए पात्र नहीं होंगे। इच्छुक श्रमिक जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या “श्रमेव जयते” मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना राज्य में श्रमिकों को सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





