सतीश शर्मा
रायपुर, 24 अप्रैल 2026

कैंसर से जूझ रही महिला व्याख्याता की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि रोके जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार बाबू को निलंबित कर दिया है, वहीं प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महज दो दिनों के भीतर करीब 2 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत करवा दी। लंबे समय से अटकी यह मदद अब पीड़िता को इलाज के लिए मिल सकेगी।
जांच में सामने आया कि पीड़िता ने अपने स्कूल में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन संबंधित सहायक ग्रेड-03 कर्मचारी ने उसे उच्च कार्यालय तक भेजा ही नहीं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई और कर्मचारी को विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा कार्यालय में अटैच किया गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके।



