सतीश शर्मा
रायपुर, 16 मई 2026
राजधानी रायपुर से लगे धरसींवा के चरौदा गांव स्थित IDBI Bank की शाखा में एफडी, म्यूचुअल फंड और एसआईपी के नाम पर 1.53 करोड़ रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। दो आउटसोर्स कर्मचारियों सहित चार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने 22 खाताधारकों से नकद रकम लेकर फर्जी एफडी रसीदें थमा दीं और बाद में ब्लैंक चेक के जरिए रकम निकाल ली।

पीड़ितों में कई ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने इलाज, बेटी की शादी और बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए अपनी पूरी जमा पूंजी बैंक में निवेश की थी। जब एफडी मैच्योरिटी या रिकॉर्ड की जांच की गई, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जानकारी के मुताबिक आरोपी कर्मचारियों ने पहले ग्राहकों का भरोसा जीतकर नकद रकम ली और बदले में फर्जी एफडी रसीदें जारी कर दीं। इसके बाद खाताधारकों से ब्लैंक चेक भी लिए गए। शुरुआती दिनों में खातों में छोटी ब्याज राशि डालकर लोगों का भरोसा बनाए रखा गया, जिसके बाद धीरे-धीरे पूरी रकम निकाल ली गई।
शाखा में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने और एक ही काउंटर से जमा-निकासी होने का भी आरोप सामने आया है, जिससे इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम देना आसान हो गया।
मामले में यह भी सामने आया है कि Reserve Bank of India के नियमों के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारी सीधे वित्तीय लेनदेन, एफडी निर्माण या रकम स्वीकार करने के लिए अधिकृत नहीं होते। केवल अधिकृत बैंक स्टाफ ही इस तरह की प्रक्रियाओं को संभाल सकता है।
- एक परिवार ने बेटे के इलाज के लिए जमीन बेचकर 40 लाख की एफडी कराई थी, लेकिन अब वह पूरी तरह फर्जी निकली।
- एक व्यक्ति ने बेटी की शादी के लिए 11 लाख की एफडी कराई थी, जो नकली पाई गई।
- एक बुजुर्ग दंपती की 8.7 लाख की जीवनभर की बचत भी फर्जी दस्तावेजों में बदल गई।
बैंक प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए स्पेशल ऑडिट टीम भेजी है। वहीं पुलिस ने अब तक कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अन्य की तलाश जारी है।
थाना प्रभारी के अनुसार जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, अन्य संलिप्त लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
घोटाले के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ितों ने बैंक शाखा में ताला जड़कर धरना दिया और पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।



