29 Aug 2026, Sat

महादेव सट्टा केस में ED की बड़ी कार्रवाई: कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार, 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा; 940 करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त

सतीश शर्मा

रायपुर, 15 जुलाई 2026

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उसे 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है। एजेंसी की टीम विकास गर्ग को रायपुर लेकर आ रही है, जहां उसे आज विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईडी कोर्ट से कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी ताकि महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा सके।

जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का अहम कड़ी है। इससे पहले ईडी उसकी करीब 940 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। एजेंसी का आरोप है कि अवैध सट्टेबाजी से कमाई गई रकम को शेल कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई।

ईडी की जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर समेत आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध कारोबार किया जा रहा था।

 

 

एजेंसी के मुताबिक, अपराध से अर्जित 940.77 करोड़ रुपये विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचाए गए, जिनका इस्तेमाल शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। इस मामले में ईडी पहले भी सात बार संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में कई अभियोजन शिकायतें दाखिल कर चुकी है।

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ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज बेटिंग मामले में अब तक करीब 3,800 करोड़ रुपये की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। एजेंसी का कहना है कि पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

गौरतलब है कि छह दिन पहले महादेव ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया था। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। भारतीय एजेंसियां अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में भी जुटी हुई हैं।

 

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