रामानुजगंज/अयोध्या, 26 जुलाई 2026
भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम में 25 और 26 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय लोकव्यवस्था जागरण अभियान के प्रांतीय अधिवेशन में देश के 10 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने ज्ञान केंद्रों के विस्तार और सामाजिक जागरण की कार्ययोजना तैयार की। मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान, रामानुजगंज के तत्वावधान में विवेक सृष्टि, रामघाट, रामसेवकपुरम में आयोजित अधिवेशन में सामाजिक कार्यकर्ताओं, ज्ञान केंद्र संचालकों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।

अधिवेशन में देशभर में ज्ञान केंद्रों की स्थापना, सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों पर जनजागरण और “तंत्र-मुक्त, संविधान-युक्त समाज एवं व्यवस्था” की अवधारणा को समाज तक पहुंचाने पर मंथन हुआ। विभिन्न वैचारिक और संगठनात्मक सत्रों में समाज की स्वशासी शक्ति, लोकशक्ति के संगठन और व्यवस्था परिवर्तन के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का संचालन बृजेश राय और ज्ञानेंद्र आर्य ने किया। ज्ञान यज्ञ परिवार के संरक्षक कन्हैया लाल अग्रवाल तथा प्रमुख मोहन गुप्ता सहित मेरठ, सुल्तानपुर, पटना, नालंदा, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हैदराबाद और बक्सर सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

रांची और उदयपुर/उज्जैन में होंगे अगले अधिवेशन
दूसरे दिन केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में आगामी कार्यक्रम तय किए गए। निर्णय लिया गया कि 26–27 सितंबर को रांची में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का संयुक्त प्रांतीय अधिवेशन आयोजित होगा। वहीं राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश का संयुक्त अधिवेशन दिसंबर मध्य में उदयपुर अथवा उज्जैन में आयोजित किया जाएगा।
संविधान एवं समाजशास्त्र पर पुस्तक का विमोचन
अधिवेशन के दौरान समाज विज्ञानी बृजेश राय की संविधान एवं समाजशास्त्र विषयक पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक में समाज, संविधान और व्यवस्था परिवर्तन के वैचारिक संबंधों पर प्रकाश डाला गया है।

ज्ञान केंद्रों के विस्तार का किया आह्वान
समापन सत्र में बजरंग मुनि जी रायपुर से ज़ूम के माध्यम से जुड़े। उन्होंने ज्ञान केंद्रों को वैचारिक जागरण, संवाद और सामाजिक संगठन का प्रभावी माध्यम बताते हुए देशभर में अधिक से अधिक ज्ञान केंद्र स्थापित करने का आह्वान किया। अधिवेशन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आर.के. पटेल ने की, जबकि अंतिम सत्र की अध्यक्षता आचार्य धर्मेंद्र ने की। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए ज्ञान केंद्र विस्तार अभियान को और गति देने का संकल्प लिया।





