रायपुर, 13 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र है। इसके प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम आगे मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार, सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। यहां अगले तीन दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अगले चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है।
इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों में ओड़गी, वाड्रफनगर और डौरा कोचली में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। रघुनाथनगर, चलगली और कुसमी में 5-5 सेंटीमीटर बारिश हुई।
तमनार और चांदो में 4-4 सेंटीमीटर, जबकि अजगरबहार, मोहला और शंकरगढ़ में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कई अन्य इलाकों में भी 1 से 2 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।
रायपुर में भी बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में 13 अगस्त को आसमान सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
12 अगस्त को रायपुर और दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग की सलाह
भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।





