6 Jun 2026, Sat

विष्णु का सुशासन : राष्ट्रीय युवा दिवस के एक दिन पहले ही CBI ने टामन सिंह सोनवानी के बेटे नितेश सोनवानी और तत्कालीन डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर को किया गिरफ्तार, नितेश का हुआ है डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन, कई और बड़े चेहरों की हो सकती है गिरफ्तारी

•CGPSC SCAM में हुई बड़ी गिरफ्तारी

• नितेश का डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था चयन

प्रमोद मिश्रा

 

 

रायपुर, 12 जनवरी 2025

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद एक बार फिर ‘विष्णु का सुशासन’ देखने को मिला है । दरअसल, CGPSC 2021 में भर्ती में गड़बड़ी मामले को लेकर दो और गिरफ्तारियां हुई है । इस बार CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के पुत्र नितेश सोनवानी और तत्कालीन एग्जाम डिप्टी कंट्रोलर ललित गनवीर को गिरफ्तार किया है । साथ ही शनिवार को अवकाशकालीन रिमांड कोर्ट की न्यायाधीश सौम्या राय की अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए 2 दिन की रिमांड पर लिया। इसकी अवधि समाप्त होने पर 13 जनवरी को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

गिरफ्तार किए गए उक्त दोनों लोगों को सीबीआई ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलवाया था। इस दौरान संतोषजनक जबाव नहीं देने पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इस मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो गई है। इससे पहले एजेंसी ने तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर कंपनी के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया है। दोनों अभी रायपुर जेल में है। जानकारी के अनुसार सरबदा निवासी नीतेश सोनवानी तत्कालीन चेयरमैन चेयरमैन टामन का बेटा है ।

CG पीएससी 2021 में नीतेश डिप्टी कलेक्टर चयनित हुआ था। उसका चयन सूची में 7वां रैंक था। हालांकि चयन सूची में सिर्फ उसका नाम लिखा हुआ है। उसका सरनेम नहीं लिखा हुआ है। पीएससी की सूची में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी उम्मीदवार का सिर्फ नाम है। उसके नाम के आगे और पीछे कुछ नहीं लिखा हुआ है।

नितेश और ललित गनवीर

आरोप है कि टामन ने विवाद से बचने और पहचान छिपाने के लिए नीतेश का सरनेम नहीं आने दिया है। उसे छिपाकर रखा हुआ है। जबकि नीतेश के दस्तावेजों में उसका सरनेम लिखा हुआ है। बता दें कि 2021 पीएससी के 18 उम्मीदवार की चयन पर विवाद है, जिसमं ज्यादा अधिकारी व नेता के रिश्तेदार हैं।

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बहू भूमिका को नौकरी दिलाने के लिए 45 लाख दिए

आरोप है कि श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका को नौकरी दिलाने के लिए चेयरमैन सोनवानी के करीबी के NGO को CSR फंड से 45 लाख दिए थे। पैसे सोनवानी को पहुंचे। इसकी पुष्टि के बाद कार्रवाई की थी।

अफसरों को भी अरेस्ट कर सकती है CBI

ये भी आरोप है कि, पैसे लेकर कुछ नेताओं और अधिकारियों के बच्चों को डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर सिलेक्ट किया गया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, टामन के अलावा आने वाले दिनों में CBI कुछ और अफसरों को भी अरेस्ट कर सकती है।

जानिए CGPSC घोटाले के बारे में

CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर विवाद है। EOW और अर्जुदा पुलिस ने भ्रष्टाचार-अनियमितता के आरोप में केस दर्ज किया है। PSC ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा ली थी। इन्हीं भर्तियों को लेकर ज्यादा विवाद है।

आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी लगवाई है।

171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा

CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई।

बीजेपी ने सड़क से सदन तक उठाया मुद्दा

कांग्रेस शासन काल में हुए CGPSC SCAM को लेकर बीजेपी ने सड़क से लेकर सदन तक इस मामले में कांग्रेस को घेरा । बीजेपी ने अपने 2023 विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में सीजीपीएससी स्कैम को सीबीआई को सौंपने की बात कही थी और सरकार बनने के बाद देरी न करते हुए इस मामले को CBI को सौंप दिया । इस मामले में सीबीआई भी काफी एक्टिव नजर आ रही है और एक के बाद एक गिरफ्तारियां भी हो रही है ।

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इनके चयन पर संदेह

दरअसल, टामन सिंह सोनवानी के बेटे नितेश और बहु निशा कोसले का डिप्टी कलेक्टर के पद कर चयन हुआ है । वहीं भाई की बहु दीपा अज़गले आदिल जिला आबकारी अधिकारी बनी है । बहन की बेटी का सुनीता जोशी का चयन श्रम अधिकारी के तौर पर, तो बड़े भाई के बेटे साहिल का चयन डीएसपी पर हुआ है । वहीं टामन सिंह सोनवानी की बेटी की रूम मेट का भी चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है । उन सबका चयन सवालों के घेरे में है साथ ही कई कांग्रेसी नेताओं के साथ राज्यपाल के तत्कालीन सचिव के रिश्तेदारों के चयन पर भी सवाल है ।

विष्णुदेव की सरकार में युवाओं की उम्मीद जागी

CGPSC में 2019 से लेकर 2022 की भर्ती परीक्षाओं में उठते सवाल से युवा वर्ग काफी परेशान था । लेकिन, जैसे ही 2023 में विष्णुदेव साय की सरकार बनी और CGPSC 2023 के परिणाम जारी हुए, एक बार फिर युवाओं की उम्मीद जागी और चेहरे खुशी से खिल उठे । दरअसल, CGPSC 2023 में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ और युवाओं ने स्वयं कहा कि इस बार परीक्षा एकदम पारदर्शिता के साथ हुआ है । विष्णुदेव की सरकार ने युवाओं के मन में विश्वास तो जगाया ही साथ ही एक नई उम्मीद की किरण भी जगाई है कि मेहनत का फल जरूर मिलेगा, आपका हक कोई अधिकारी या नेता का बेटा या रिश्तेदार भ्रष्टाचार करके नहीं ले पाएगा।

 

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