प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 29 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाया है। सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में पहला सप्लीमेंट्री चालान दाखिल कर दिया है। करीब 2000 पन्नों के इस चालान में घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे किए गए हैं।
CBI ने टामन सिंह सोनवानी को इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है। इसके अलावा आरती वासनिक, जनक राम ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आडील को भी आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने कोर्ट को सबूतों और गवाहों के आधार पर प्रत्येक आरोपी की भूमिका का विस्तृत उल्लेख किया है। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद हैं।
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता की अनदेखी करते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को नियुक्त करने का आरोप सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी।
CBI की छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद हुए।
- 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित हुई।
- प्री-एग्जाम (13 फरवरी 2022): 2565 उम्मीदवार पास हुए।
- मेंस परीक्षा (26 से 29 मई 2022): 509 अभ्यर्थी सफल हुए।
- इंटरव्यू और फाइनल लिस्ट (11 मई 2023): 170 उम्मीदवारों का चयन किया गया।
इसी चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर घोटाला रचा गया। अब तक इस केस में कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
👉 घोटाले की परतें खुलने के साथ ही अब यह केस प्रदेश की सियासत में भी गर्माया हुआ है।





