नई दिल्ली, 09 दिसंबर 2025

भारत में म्यूचुअल फंड्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। अगले दस वर्षों में इसकी पहुंच दोगुनी होकर 20 प्रतिशत से भी अधिक हो सकती है। साथ ही म्यूचुअल फंड उद्योग का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2035 तक 300 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचने का अनुमान है। यह खुलासा मंगलवार को बेन एंड कंपनी और ग्रो की संयुक्त रिपोर्ट “भारत कैसे निवेश करता है 2025” में किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की अगली बड़ी वृद्धि छोटे शहरों, उभरते निवेशकों और पहली बार निवेश करने वाले युवाओं से संचालित होगी। देशभर में परिवार अब बाजार आधारित निवेश को अपनाने लगे हैं, जिसका असर AUM में लगातार दिख रहा है।
रिपोर्ट का कहना है कि डायरेक्ट इक्विटी में निवेश भी तेजी से बढ़ेगा। 2035 तक इक्विटी होल्डिंग्स 250 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, मजबूत रेगुलेशन और निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स को अधिक लोकप्रिय बनाया है।
नई रिपोर्ट बताती है कि आने वाले समय में शीर्ष 30 शहरों के बाहर रहने वाले बड़े और संपन्न परिवार म्यूचुअल फंड ग्रोथ में अहम योगदान देंगे। टियर-2 और टियर-3 शहरों में लंबे समय के निवेश (5 वर्ष से अधिक अवधि) की हिस्सेदारी हाल के वर्षों में दोगुनी हो चुकी है।
बेन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एसआईपी (SIP) निवेश तेजी से बढ़ा है।
भारत में बेन की फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख सौरभ त्रेहन ने कहा,
“भारतीय परिवार अब बचत की सोच से आगे बढ़कर निवेश-आधारित नजरिया विकसित कर रहे हैं। खासकर युवा और पहली बार निवेश करने वाले, जो छोटे शहरों से आते हैं, वे देश में घरेलू निवेशक आधार को मजबूत कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि एसआईपी फ्लो और लंबी अवधि की होल्डिंग्स दोनों में तेज वृद्धि हुई है, और आने वाले वर्षों में यह रुझान भारत की आर्थिक विकास यात्रा को महत्वपूर्ण गति देगा।
भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अब निर्णायक मोड़ पर है, जहां डिजिटल अपनाने और निवेशक विश्वास दोनों मिलकर इसे नए आयामों तक ले जाने को तैयार हैं।



