सुकमा, 04 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। भेज्जी थाना क्षेत्र के बोधराज पाड़र के घने जंगलों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का डंप बरामद किया गया। कार्रवाई के दौरान एक .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, 49 जिंदा कारतूस और अन्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस का मानना है कि समय रहते हथियारों का यह जखीरा बरामद होने से नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम हुई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) रोहित शाह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत की गई। 3 अगस्त को भेज्जी थाना पुलिस और सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन की संयुक्त टीम को बोधराज पाड़र के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों और हथियार छिपाकर रखने की सूचना मिली थी।
संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जंगल में छिपाकर रखा गया एक डंप मिला, जिसमें हथियार और गोला-बारूद सुरक्षित तरीके से रखा गया था। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की सावधानीपूर्वक जांच के बाद सभी सामग्री को जब्त कर सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
बरामद सामग्री
- 1 नग .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल
- 7.62×39 मिमी के 47 जिंदा कारतूस
- 7.62×51 मिमी के 2 जिंदा कारतूस
- 1 एल्यूमिनियम कंटेनर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद हथियार और कारतूसों की जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन्हें किस नक्सली संगठन या दलम द्वारा छिपाकर रखा गया था और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
अधिकारियों ने कहा कि सुकमा और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी रहेगा। नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने, उनके हथियारों के भंडार को नष्ट करने और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह के सघन सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे।





