26 Aug 2026, Wed

CG में बैंक मैनेजर को 2 करोड़ की FD का झांसा देकर फंसाया: फर्जी ई-मेल से मेडिकल भुगतान बताया, खाते से 4.99 लाख ट्रांसफर

रायपुर, 25 अगस्त 2026। राजधानी में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जालसाज ने खुद को एक कार कंपनी का संचालक बताकर भारतीय स्टेट बैंक की आईजीकेवी शाखा की बैंक मैनेजर को करीब 2 करोड़ रुपए की एफडी कराने का झांसा दिया। इसके बाद मेडिकल भुगतान की जरूरत बताकर फर्जी ई-मेल के जरिए 4 लाख 99 हजार रुपए दूसरे खाते में आरटीजीएस करा लिए।

मामले में तेलीबांधा पुलिस ने बैंक मैनेजर श्वेता शर्मा की शिकायत पर अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले बढ़ाया भरोसा, फिर मांगी रकम

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को श्वेता शर्मा के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया। कॉल रिसीव नहीं होने पर उसने संदेश भेजकर संपर्क किया। आरोपी ने अपना नाम प्रशांत मंधान बताते हुए खुद को इंटारा कार कंपनी का संचालक बताया।

 

 

21 अगस्त को आरोपी ने दोबारा बैंक मैनेजर से बातचीत की और करीब 2 करोड़ रुपए की सावधि जमा कराने की इच्छा जताई। उसने एफडी की ब्याज दर पूछी, जिस पर बैंक मैनेजर ने उसे 6.45 प्रतिशत ब्याज दर की जानकारी दी। आरोपी ने सोमवार को बैंक आकर एफडी कराने की बात कही।

मेडिकल भुगतान के नाम पर भेजा फर्जी आवेदन

24 अगस्त को आरोपी ने फिर बैंक मैनेजर से संपर्क किया। उसने बताया कि उसकी चेकबुक खत्म हो गई है और उसे तत्काल मेडिकल भुगतान करना है। इसके लिए उसने 4.99 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से भेजने की बात कही।

बैंक मैनेजर ने भुगतान के लिए ई-मेल से आवेदन भेजने को कहा। कुछ देर बाद आरोपी ने फर्जी ई-मेल आईडी से भुगतान आवेदन बैंक की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेज दिया। आवेदन की कॉपी उसने बैंक मैनेजर को मैसेज के जरिए भी भेजी।

पढ़ें   Raipur Suicide News : रायपुर के सकरी बाजार चौक में 50 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण उठाया खौफनाक कदम, पुलिस जांच में जुटी

कंपनी के खाते की जानकारी का किया इस्तेमाल

आरोपी ने भुगतान के लिए जिस खाते और कंपनी का विवरण दिया, वह वास्तविक कंपनी से जुड़ा हुआ था। बैंक मैनेजर ने खाते में उपलब्ध हस्ताक्षर का मिलान करने के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

दोपहर करीब 1:20 बजे 4 लाख 99 हजार रुपए मुंबई के कुर्ला स्थित केनरा बैंक के एक खाते में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए गए।

40 मिनट बाद खुला ठगी का राज

रकम ट्रांसफर होने के करीब 40 मिनट बाद संबंधित कार कंपनी के मैनेजर ने बैंक मैनेजर को फोन किया। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से बैंक को ऐसा कोई भुगतान आवेदन भेजा ही नहीं गया था।

इसके बाद बैंक मैनेजर ने कंपनी के खाते की जानकारी दोबारा जांची। जांच में पता चला कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का कंपनी के खाते में कोई पंजीयन नहीं था। इसके बाद फर्जी ई-मेल और पहचान के जरिए हुई ठगी का खुलासा हुआ।

पुलिस ने शुरू की जांच

ठगी का पता चलने के बाद बैंक मैनेजर ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल नंबर, फर्जी ई-मेल आईडी और जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर की गई, उसकी जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *